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तेरी गलिओं में न रखेंगे कदम ... आज के बाद....
Friday, 24 February 2006
तू मेरा मिलना समझ लेना इक सपना था ...
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तुझको तो अब मिल ही गया जो तेरा अपना था...
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हमको इस दुनिया में समझना न सनम आज के बाद .....
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कुछ तो मजबूरीयां रही होंगी ...
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... यूं कोई बेवफा नहीं होता ....
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